बंगाल की हिंसा है लोकतंत्र पर धब्बा और बड़ी चुनौती
पश्चिम बंगाल में हाल ही में सम्पन्न विधानसभा चुनावों के बाद जिस प्रकार हिंसा, हत्याओं, आगजनी और राजनीतिक प्रतिशोध की घटनाएं सामने आई हैं, उन्होंने केवल राज्य की शांति को ही नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की आत्मा को भी आहत किया है। चुनाव लोकतंत्र का उत्सव माना जाता है, किंतु जब यह उत्सव हिंसा, भय और प्रतिशोध में बदल जाए तो यह केवल राजनीतिक असफलता नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक पतन का संकेत बन जाता.....
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