Nature: कहीं प्रकृति के विनाश का कारण अंधाधुंध विकास ही ना बन जाये
भले ही जलवायु परिवर्तन को लेकर दुनिया के देश लाख चिंता जता रहे हो, शिखर सम्मेलनों में नित नए प्रस्ताव पारित किए जा रहे हो, पर वास्तविकता तो यही है कि दुनिया के देश पिछले 8 साल से लगतार सबसे ज्यादा गर्मी से जूझते आ रहे हैं। पिछले सालों में ग्लेशियरों के पिघलने की स्पीड जिस तरह से बढ़ती हुई देखी जा रही है, जिस तरह से जंगलों में दावानल हो रहा है और जिस तरह से समुद्री तूफान, चक्रवात या सुनामियां आ.....
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