भारतीय शेयर बाजार से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और अहम वित्तीय खबर सामने आ रही है। केंद्र सरकार ऑफर फॉर सेल (OFS) के माध्यम से देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में अपनी 6.5 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी बेचने जा रही है। इस विनिवेश के लिए सरकार ने प्रति शेयर 382 रुपये का floor price (न्यूनतम मूल्य) तय किया है। इस बड़ी खबर के सामने आते ही शेयर बाजार में एलआईसी के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली है, जिससे इसके शेयरों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है।
कारोबारी सत्र की शुरुआत में सुबह करीब साढ़े 9 बजे एलआईसी का शेयर (LIC Share Price) लगभग 6.07 फीसदी की भारी गिरावट के साथ 398.60 रुपये के स्तर पर ट्रेड करता हुआ नजर आया। निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों की इस पर पैनी नजर बनी हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एलआईसी का यह ओएफएस इश्यू गैर-संस्थागत यानी नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए मंगलवार को खुलेगा, जबकि आम और खुदरा (रिटेल) निवेशकों के लिए यह बुधवार को खुलेगा। यदि इस इश्यू को पूरा सब्सक्रिप्शन मिल जाता है और तय न्यूनतम कीमत के आधार पर गणना की जाए, तो 82.22 करोड़ से अधिक शेयर यानी 6.5 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री से सरकार के खजाने में लगभग 31,000 करोड़ रुपये आने की उम्मीद है।
निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव अरुणीश चावला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ग्रीन शू विकल्प के रूप में अतिरिक्त चार प्रतिशत के साथ 2.5 प्रतिशत इक्विटी का विनिवेश करने का प्रस्ताव रख रही है। इसका मतलब यह है कि यदि निवेशकों की ओर से भारी मांग आती है और अधिक शेयरों के लिए आवेदन मिलते हैं, तो सरकार और ज्यादा शेयर बेच सकती है। खास बात यह है कि बोली के निचले भाव के आधार पर बीएसई पर एलआईसी के सोमवार के बंद भाव (424.35 रुपये) की तुलना में निवेशकों को 10 प्रतिशत की आकर्षक छूट दी जा रही है।
सेबी के नियमों के मुताबिक, एलआईसी को अपनी न्यूनतम 10 प्रतिशत सार्वजनिक शेयरधारिता (Public Shareholding) हासिल करने के लिए 16 मई, 2027 तक का समय दिया गया था। वर्तमान में एलआईसी में सरकार की हिस्सेदारी लगभग 96.5 प्रतिशत है। इस हिस्सेदारी बिक्री से कंपनी को तय समय-सीमा से पहले ही न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता के नियमों को पूरा करने में बड़ी मदद मिलेगी।
