अदाणी पोर्ट्स ने कलेरिस के साथ बढ़ाई रणनीतिक साझेदारी, 2030 तक 1 अरब टन कार्गो हैंडलिंग के लिए खर्च करेगी $850 मिलियन

अदाणी पोर्ट्स ने कलेरिस के साथ बढ़ाई रणनीतिक साझेदारी, 2030 तक 1 अरब टन कार्गो हैंडलिंग के लिए खर्च करेगी $850 मिलियन

अहमदाबाद: भारत के सबसे बड़े इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर, अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (APSEZ) ने वैश्विक स्तर पर अपने पोर्ट्स और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को हाई-टेक बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। APSEZ ने नेक्स्ट-जेनरेशन क्षमताओं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बढ़ावा देने के लिए ‘कलेरिस’ (Kaleris) के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी का विस्तार किया है। यह कदम कंपनी के साल 2030 के उस महा-लक्ष्य का हिस्सा है, जिसके तहत वह हर साल एक बिलियन (1 अरब) टन कार्गो हैंडलिंग की क्षमता हासिल करना चाहती है। इस पूरे लक्ष्य (डीकार्बोनाइज़ेशन, टेक्नोलॉजी अपग्रेड आदि) के लिए कंपनी USD 850 मिलियन (करीब 85 करोड़ डॉलर) खर्च कर रही है।


15 कंटेनर टर्मिनल्स पर लागू होगा AI-आधारित सिस्टम

इस बहु-वर्षीय समझौते (Multi-year Agreement) के तहत, कलेरिस अपने बेसिक टर्मिनल ऑपरेटिंग सिस्टम और AI-ऑगमेंटेड एडवांस्ड कंटेनर हैंडलिंग सॉल्यूशंस को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले APSEZ के सभी 15 कंटेनर टर्मिनल्स पर लागू करेगा। इससे पहले छह पोर्ट्स पर पहले चरण का सफल डिप्लॉयमेंट किया जा चुका है। अब इसका विस्तार कर एक यूनिफाइड डिजिटल बैकबोन बनाई जा रही है, जिससे पूरे लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में एंड-टू-एंड विज़िबिलिटी और ऑपरेशनल एफिशिएंसी में भारी सुधार होगा।

क्रेन और ट्रकों की प्रोडक्टिविटी में होगा बंपर सुधार

कलेरिस के एडवांस्ड ऑप्टिमाइज़ेशन टूल्स के इस्तेमाल से APSEZ के ऑपरेशन्स को सीधे तौर पर बड़ा फायदा होने की उम्मीद है:

रबर टायर्ड गैन्ट्री (RTG) क्रेन: इनकी प्रोडक्टिविटी में 20% तक का सुधार देखा जाएगा।

टर्मिनल ट्रक: ट्रकों की प्रोडक्टिविटी में भी 14% तक का इजाफा होगा।

इससे जहाजों का टर्नअराउंड टाइम (वेसल टर्नअराउंड) तेज होगा, यार्ड का इस्तेमाल बेहतर तरीके से किया जा सकेगा और ग्राहकों को बिना किसी देरी के सटीक कार्गो मूवमेंट की सर्विस मिलेगी।

तकनीक से तय होगी प्रतिस्पर्धा: अश्विनी गुप्ता (CEO)

साझेदारी पर बात करते हुए APSEZ के होल-टाइम डायरेक्टर और सीईओ अश्विनी गुप्ता ने कहा, “AI-इनेबल्ड ऑटोमेशन पोर्ट्स और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा का अगला लेवल तय करने जा रहा है। APSEZ पहले ही किनारे से लेकर दरवाजे तक (शोर-टू-डोर) एक एंड-टू-एंड डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू कर चुका है, जो आसान ट्रैक-एंड-ट्रेस की सुविधा देता है। अब कलेरिस के साथ यह इंटीग्रेशन हमारी प्रोडक्टिविटी को और बढ़ाएगा और ग्राहकों को लगातार बेहतर अनुभव देगा।” वहीं, कलेरिस के प्रेसिडेंट और सीईओ किर्क नॉफ ने भी इस विस्तार को पहले मिले बेहतरीन नतीजों और आपसी भरोसे का प्रतीक बताया।

भारत के कुल पोर्ट वॉल्यूम का 27% संभालता है APSEZ

अदाणी ग्रुप का हिस्सा, APSEZ मौजूदा समय में 653 मिलियन टन की वार्षिक कार्गो हैंडलिंग क्षमता के साथ भारत के कुल पोर्ट वॉल्यूम का लगभग 27% हिस्सा अकेले संभालता है। कंपनी भारत के तीनों तटों (पश्चिम, दक्षिण और पूर्व) पर 15 पोर्ट और टर्मिनल का एक विशाल इकोसिस्टम चलाती है। इसके अलावा, कंपनी के पास 137 जहाजों का मरीन फ्लीट, 12 मल्टी-कॉरिडोर लॉजिस्टिक्स पार्क, 3.1 मिलियन स्क्वायर फीट के वेयरहाउस और 25,000 से ज्यादा ट्रक हैं। वैश्विक स्तर पर APSEZ ऑस्ट्रेलिया, कोलंबो (श्रीलंका), इज़राइल और तंजानिया में भी 4 इंटरनेशनल पोर्ट्स का संचालन कर रहा है।

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