नई दिल्ली। दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय एवं संस्कृत संवर्धन प्रतिष्ठान के मध्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विविध आयामों- शिक्षा, शोध, भारतीय ज्ञान परंपरा तथा संस्कृत भाषा के संवर्धन हेतु एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) संपन्न हुआ।
इस समझौते का उद्देश्य शिक्षक शिक्षा, संस्कृत अध्ययन, भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS), प्रशिक्षण कार्यक्रमों, संयुक्त शोध गतिविधियों, कार्यशालाओं, संगोष्ठियों तथा ऑनलाइन शैक्षणिक पाठयक्रमों को प्रोत्साहित करना है। दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो अनु सिंह लाठर और संस्कृत संवर्धन प्रतिष्ठान के प्रो चांद किरण सलूजा के मार्गदर्शन में दोनों संस्थान शैक्षिक गतिविधियां संचालित करेंगे । दोनों संस्थाएँ विद्यालयी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा में भारतीय भाषाओं और सांस्कृतिक मूल्यों के समावेश की दिशा में संयुक्त रूप से कार्य करेंगी।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय एवं प्रतिष्ठान के वरिष्ठ पदाधिकारियों और शिक्षाविदों की उपस्थिति रही। संस्कृत संवर्धन प्रतिष्ठान के प्रो चांद किरण सलूजा ने कहा कि यह सहयोग नई शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप भारतीय ज्ञान परंपरा एवं संस्कृत आधारित शैक्षिक विमर्श को नई दिशा प्रदान करेगा। दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय के कुल सचिव डॉ संजीव राय ने कहा कि यह एमओयू युवाओं को भारतीय बौद्धिक परंपरा से जोड़ने तथा शिक्षण-अध्ययन में नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।
