Siddaramaiah ने Rajya Sabha का ऑफर ठुकराया, बोले- राष्ट्रीय राजनीति में रुचि नहीं

Siddaramaiah ने Rajya Sabha का ऑफर ठुकराया, बोले- राष्ट्रीय राजनीति में रुचि नहीं

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को राज्यसभा सीट ठुकरा दी और कहा कि उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने लोक भवन में राज्यपाल के विशेष सचिव प्रभुशंकर को अपना इस्तीफा पत्र सौंपने के बाद इसकी घोषणा की। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने बताया कि पार्टी हाई कमांड ने उन्हें राज्यसभा सीट की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने विनम्रतापूर्वक इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया और कहा कि वे कर्नाटक की राजनीति में बने रहेंगे और विधायक के रूप में अपने शेष दो साल पूरे करेंगे।

उन्होंने बेंगलुरु में पत्रकारों से कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने मुझे राज्यसभा सीट की पेशकश की, लेकिन मैंने विनम्रतापूर्वक इसे अस्वीकार कर दिया क्योंकि मुझे राष्ट्रीय राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है। मैं राज्य की राजनीति में ही रहूंगा, क्योंकि विधायक के रूप में मेरा कार्यकाल अभी दो साल शेष है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व, सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खर्गे और राहुल गांधी को धन्यवाद दिया कि उन्होंने उन्हें दो बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में लोगों की सेवा करने का अवसर दिया।

सिद्धरमैया ने पत्रकारों से कहा कि मैंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है।’’ उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्यपाल संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार उनका इस्तीफा स्वीकार कर लेंगे। उन्होंने कहा कि मैंने बार-बार कहा था कि जब भी पार्टी आलाकमान मुझे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने को कहेगा, मैं इस्तीफा दे दूंगा। आलाकमान ने मुझे दो दिन पहले पद छोड़ने का निर्देश दिया था, जिसके अनुसार मैंने आज अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने कहा कि मुझे दो बार कर्नाटक के लोगों की सेवा करने का मौका मिला जिसके लिए मैं सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे को धन्यवाद देता हूं।

जब सिद्धरमैया अपना इस्तीफा सौंपने लोकभवन गये तब उनके साथ शिवकुमार एवं अन्य मंत्रिमंडलीय सहयोगी भी थे। सिद्धरमैया ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि राज्यपाल संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार मेरा इस्तीफा स्वीकार कर लेंगे। हालांकि उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने मुझे राज्यसभा सीट की पेशकश की, लेकिन मैंने विनम्रतापूर्वक इसे अस्वीकार कर दिया क्योंकि मुझे राष्ट्रीय राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं राज्य की राजनीति में बना रहूंगा क्योंकि विधायक के रूप में मेरा कार्यकाल अभी दो साल बाकी है। सिद्धरमैया ने कहा कि 550 वादों में से अब तक करीब 300 पूरे किए जा चुके हैं। पांच गारंटी भी लागू की गई हैं। मैं किए गए वादों से कभी पीछे नहीं हटा।


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