नोएडा/लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस के शीर्ष सूत्रों ने नोएडा में हुई हालिया हिंसा को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, 13 अप्रैल को मजदूरों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई पत्थरबाजी और आगजनी कोई तात्कालिक घटना नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस हिंसा को एक ‘ट्रेन्ड मिलिशिया’ (प्रशिक्षित गुट) ने अंजाम दिया, जिसने मजदूरों की जायज मांगों की आड़ में पूरे प्रदर्शन को हाईजैक कर लिया था।
200 से अधिक गिरफ्तार, मुख्य आरोपियों की पहचान
नोएडा पुलिस ने अब तक इस मामले में 350 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनमें से 200 लोगों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया जा चुका है। इन आरोपियों पर योजनाबद्ध तरीके से सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और आग लगाने के गंभीर आरोप हैं। पुलिस अधिकारियों ने हिंसा की मुख्य घटनाओं को अंजाम देने वाले 5 से 6 मास्टरमाइंडों की पहचान भी कर ली है, जिनकी तलाश में छापेमारी जारी है।
सुनियोजित तरीके से फैलाई गई हिंसा
जांच में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह केवल नोएडा तक सीमित नहीं है, बल्कि हरियाणा के फरीदाबाद सहित कई अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी सक्रिय है। सूत्रों के अनुसार, हिंसा करने के लिए अलग-अलग स्थानों से बोतलों में पेट्रोल लाया गया था, ताकि खास ठिकानों (हॉटस्पॉट्स) पर टारगेटेड आगजनी की जा सके। जिस तरह से प्रदर्शनकारी एक जगह से दूसरी जगह जा रहे थे और हमला कर रहे थे, वह किसी पेशेवर ट्रेनिंग की ओर इशारा करता है।
व्हाट्सएप के जरिए फैलाई गई अफवाहें
दहशत पैदा करने के लिए साजिशकर्ताओं ने कई फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप बनाए थे। इन ग्रुप्स के जरिए पुलिस और प्रशासन के खिलाफ भ्रामक सूचनाएं और लोगों के मारे जाने जैसी झूठी अफवाहें फैलाई गईं, ताकि मजदूरों के गुस्से को भड़काया जा सके। हालांकि, पुलिस की साइबर यूनिट और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन ऑनलाइन नेटवर्क को ट्रैक किया और डिजिटल सबूत सुरक्षित कर लिए हैं।
भारी सुरक्षा के बीच विरोध प्रदर्शन जारी
राज्य सरकार द्वारा मजदूरों के वेतन में वृद्धि की घोषणा के बावजूद, मंगलवार को नोएडा के फेज-2 स्थित होजरी कॉम्प्लेक्स में मजदूरों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। गौरतलब है कि मजदूर न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार को सड़क पर उतरे थे, जहां पुलिस के साथ तीखी बहस के बाद प्रदर्शन हिंसक हो गया था। फिलहाल, एहतियात के तौर पर पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
