उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कल बांग्लादेश से विस्थापित हुए 331 हिंदू परिवारों को भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र सौंपेंगे। आजादी के बाद से बांग्लादेश से आए हिंदू परिवारों को अब तक भूमि स्वामित्व का अधिकार नहीं मिला था। मुख्यमंत्री लखीमपुर खेरी, धौराहरा और मोहम्मदी में 417 करोड़ रुपये की 213 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। चंदन चौकी (पालिया) में मुख्यमंत्री थारू जनजाति के 4,556 परिवारों को भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र वितरित करेंगे। वे पालिया, श्रीनगर, निघासन और गोला में 817 करोड़ रुपये की 314 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।
इससे पहले योगी आदित्यनाथ ने स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त उपभोक्ताओं की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए इसकी गहन जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि आम उपभोक्ता स्वाभाविक रूप से ईमानदार होता है और यदि उसे समय पर सही बिल प्राप्त हो, तो वह भुगतान करने में बिल्कुल नहीं हिचकता है। मुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में ऊर्जा विभाग के कार्यां की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने ‘ओवरबिलिंग’ की समस्या की वास्तविक स्थिति का पता लगाने हेतु विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि उपभोक्ता की कोई गलती नहीं है, तो उसका बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाना चाहिए।
एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में किए गए सुधारों का वास्तविक लाभ अन्तिम उपभोक्ता तक पहुंचे, इसके लिए विश्वसनीय आपूर्ति, तकनीकी दक्षता और जवाबदेही को आधार बनाकर कार्य किया जाए। उन्होंने ‘स्मार्ट मीटरिंग’, पारेषण हानि में कमी, उपभोक्ता सेवाओं के डिजिटलीकरण तथा राजस्व संग्रह में सुधार को तेज करने के निर्देश दिए।
