योगी ने बाढ़ के खतरे के मद्देनजर अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए

योगी ने बाढ़ के खतरे के मद्देनजर अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ के आसन्न खतरे को देखते हुए मंगलवार को अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।

योगी ने अधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करते हुए कहा कि “ कोई भी व्यक्ति बाढ़ की समस्या से परेशान न हो, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किये जाएं। साथ ही बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थान पर तत्काल पहुंचाया जाए। साथ ही उनकी हर एक आवश्यकता को पूरा किया जाए।”


उन्होंने अधिकारियों को मवेशियों के लिए भी विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिये हैं। राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 22 जिलों की 43 तहसीलें और 768 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इन इलाकों में बाढ़ से 2,52,839 लोग प्रभावित हैं, जिन्हें राहत सहायता प्रदान की गयी है।


वहीं, बाढ़ की वजह से 33,370 मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। बाढ़ से किसी परिवार के मकान को क्षति नहीं पहुंची है। प्रदेश में 37,279 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल बाढ़ की चपेट में आया है। इन प्रभावित क्षेत्रों में 550 नावों और मोटरबोट की सहायता से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।


इन इलाकों में मंगलवार को भोजन के 6,458 पैकेट और 7,143 लंच पैकेट वितरित किये जा चुके हैं। वर्तमान में प्रदेश के 22 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें वाराणसी, प्रयागराज, औरैया, बहराइच, बांदा, मिर्जापुर, कानपुर देहात, चंदौली, फतेहपुर, कानपुर नगर, बाराबंकी, बदायूं, फर्रुखाबाद, गोंडा, हरदोई, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मेरठ, मुरादाबाद, मुजफ्फनगर, शाहजहांपुर और उन्नाव शामिल हैं। इन सभी जिलों में राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं।

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