नई दिल्ली:बातचीत की गुहार पर PAK को जवाब,भारत ने कहा- पहले आतंकवाद बंद करो, हमने तो हमेशा अच्छे रिश्ते चाहे

नई दिल्ली:बातचीत की गुहार पर PAK को जवाब,भारत ने कहा- पहले आतंकवाद बंद करो, हमने तो हमेशा अच्छे रिश्ते चाहे

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने दो दिन में दो बार भारत से बातचीत की गुहार लगाई। अब पहली बार भारत के विदेश मंत्रालय ने इस पर रिएक्शन दिया है। फॉरेन मिनिस्ट्री ने कहा- भारत ने हमेशा पाकिस्तान के साथ अच्छे रिश्ते चाहे हैं, लेकिन हालात ऐसे बनने चाहिए जिसमें आतंकवाद की कोई जगह न हो।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अल अरेबिया चैनल को लंबा इंटरव्यू दिया था। इसका पहला हिस्सा मंगलवार और दूसरा बुधवार को टेलीकास्ट हुआ। शरीफ ने भारत के सामने बिना शर्त बातचीत की पेशकश करते हुए ये भी कहा था कि पाकिस्तान ने भारत के साथ 3 जंगों से सबक सीखा है। उन्होंने UAE से भारत को बातचीत के लिए मनाने की भी अपील की थी। हालांकि, शरीफ के दफ्तर की तरफ से बाद में सफाई दी गई थी कि वजीर-ए-आजम की बात को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और उन्होंने बिना शर्त बातचीत की पेशकश नहीं की थी।

आतंकवाद और बातचीत साथ मुमकिन नहीं

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में फॉरेन पॉलिसी से जुड़े कई अहम मुद्दों पर सवालों के जवाब दिए। पाकिस्तान की तरफ से बातचीत की पेशकश पर बागची ने कहा- हम पहले भी कह चुके हैं और अब भी कहना चाहते हैं कि भारत अपने हर पड़ोसी और पाकिस्तान से अच्छे पड़ोसी के रिश्ते चाहता है, लेकिन इसके लिए सही माहौल भी तो तैयार करना पड़ेगा। आतंकवाद और हिंसा के माहौल में बातचीत मुमकिन नहीं है। हमारे इस रुख में कोई बदलाव नहीं हुआ।

पिछले दिनों पंजाब की एक महिला ने पाकिस्तान हाई कमीशन में बदसलूकी के आरोप लगाए थे। इस बारे में पूछे गए सवाल पर बागची ने कहा- यह मुद्दा डिप्लोमैटिक चैनल्स के जरिए पाकिस्तान के सामने उठाया गया है। हमने उनका बयान भी देखा है। वहां का विदेश मंत्रालय इस मामले की जांच कर रहा है। हमारी इस पर नजर है।

म्यांमार के एयर ऑपरेशन पर सफाई

पिछले दिनों खबर आई थी कि म्यांमार की तरफ से भारत की वायुसीमा का उल्लंघन हुआ है। इस बारे में पूछे गए सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा- 10 और 11 जनवरी को म्यांमार में कुछ एयर ऑपरेशन्स हुए थे। हम ये साफ कर देना चाहते हैं कि इस दौरान वहां की फौज ने भारत की वायुसीमा में घुसने की कोई कोशिश नहीं की। हां, 10 जनवरी को तियाऊ नदी के किनारे एक बम जरूर मिला था। यह इलाका भारत-म्यांमार बॉर्डर पर है। हमने इस बारे में वहां की सरकार से बातचीत की है। यह सीमा मिजोरम से लगती है।

ऑस्ट्रेलिया में मंदिरों पर हमले गलत 

हाल ही में दावा किया गया था कि वहां कुछ हिंदू मंदिरों पर हमले हुए हैं। इस सवाल पर बागची ने कहा- मेलबर्न में मौजूद हमारे कॉन्स्युलेट जनरल ने वहां की पुलिस से शिकायत की है। हमने उनसे कहा है कि वो दोषियों को पकड़ें और सजा दिलाएं। साथ ही भविष्य में इस तरह की हरकतें रोकने के पुख्ता इंतजाम करें। भारत यह सब सहन नहीं करेगा। ऑस्ट्रेलिया के कई नेताओं ने भी इन हमलों की निंदा की है।

शाहबाज शरीफ ने पिछले हफ्ते यूनाइटेड अरब एमीरेट्स (UAE) के प्रेसिडेंट शेख मोहम्मद बिन जायद अल नह्यान के सामने गुहार लगाई थी कि वो भारत को पाकिस्तान से बातचीत के लिए तैयार करें। पाकिस्तान के अखबार ‘द डॉन’ ने बुधवार को एक रिपोर्ट में यह खुलासा किया

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