बड़ा नेटवर्क फर्जी मेडिकल का:1500 रिकॉर्डिंग ब्रोकर के मोबाइल में,नेटवर्क मेडिकल इमरजेंसी से लेकर पोस्टमॉर्टम हाउस तक

बड़ा नेटवर्क फर्जी मेडिकल का:1500 रिकॉर्डिंग ब्रोकर के मोबाइल में,नेटवर्क मेडिकल इमरजेंसी से लेकर पोस्टमॉर्टम हाउस तक

सहारनपुर के स्वास्थ्य विभाग में फर्जी एसिड मेडिकल बनाने का जिन्न बाहर आने के बाद परत-दर-परत मामले खुलते जा रहे हैं। सात जनवरी को गिरफ्तार हुए फरजंद के मोबाइल से करीब 1500 रिकॉर्डिंग्स पुलिस को मिली है। सूत्रों के अनुसार, इन रिकॉर्डिंग्स में स्वास्थ्य विभाग का काला चिट्‌ठा है। लड़ाई-झगड़े से लेकर तेजाब तक ही फर्जी मेडिकल का खेल नहीं रुका है। यह गैंग पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट भी सुविधा शुल्क के आधार पर बदलवा देते थे। मोबाइल से मिली रिकॉर्डिंग्स में यह खुलासा हुआ है।

पुलिस को ब्रोकर फरजंद के मोबाइल से बड़ी संख्या में कॉल रिकॉर्डिंग्स मिली है। जिसमें इमरजेंसी से लेकर पोस्टमॉर्टम के अलावा ओपीडी में भी फर्जी तरीके से मेडिकल बनवाने के खेल का पर्दाफाश हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, कॉल रिकॉर्डिंग्स को सुनने के लिए ही कप्तान ने कई लोगों को लगा रखा है। जिसमें नए-नए कारनामे इस गैंग के आ रहे हैं। इतने बड़े नेटवर्क को तोड़ने के लिए कप्तान डॉ.विपिन ताडा ने अब खुद इस केस की कमान संभाली है। क्योंकि वह भी एमबीबीएस डॉक्टर है। वह दवाई से लेकर ट्रीटमेंट तक सब जानते हैं। स्वास्थ्य विभाग का इलाज कप्तान खुद अपने मेडिकल तरीके से करेंगे।

पोस्टमॉर्टम में कर दिया था खेल

पुलिस सूत्रों के अनुसार, ब्रोकर फरजंद का नेटवर्क इमरजेंसी वार्ड से लेकर पोस्टमॉर्टम हाउस तक था। एक फोन पर ही वह मेडिकल के अलावा पीएम की रिपोर्ट ही बदलवा दिया करता था। फोन पर ही सेटिंग कर मोटी रकम वसूलता था। सफेद पेंट-कमीज में पिस्टल लगाकर अस्पताल में रौब गालिब भी करता था। सूत्रों के अनुसार, वह किसी मील में कर्मचारी है, वहां पर वेतन लेता है। लेकिन एक भी दिन ड्यूटी नहीं करता है। तीन साल से काम करने वाले ब्रोकर फरजंद का काला चिट्‌ठा उसके मोबाइल ने करीब सात से 8 साल पहले तक खुला है।

पुलिस द्वारा पूछताछ में ब्रोकर फरजंद ने बताया था, उसने पहली बार यह एसिड का मेडिकल बनवाया है। लेकिन पुलिस को मोबाइल में मिली रिकॉर्डिंग्स में एक पोस्टमॉर्टम में भी मोटी रकम लेकर खेल कर दिया था। हैरानी की बात सामने आई है, रामपुर मनिहारान के एक युवक का झगड़ा करीब दो साल पहले हुआ था। उस समय उसको चोट भी आई थी। लेकिन सब सामान्य हो गया था। एक माह पूर्व उस युवक की मौत हुई। ब्रोकर ने एक पक्ष से मिलकर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खेल कराने और रिपोर्ट अपने मुताबिक बनवाकर दे दी।

अब पुलिस मांग रही पीड़ितों से शिकायत

पुलिस सूत्रों के अनुसार, पुलिस स्वास्थ्य विभाग के काले कारनामे को खोलने के लिए अब लोगों से, जो मेडिकल के आधार पर जेल गए और उन्हें लगता है। उनके साथ गलत हुआ। फर्जी तरीके से मेडिकल कराया गया। या कोई भी उल्टफेर मेडिकल रिपोर्ट में उनके साथ हुई हो और वह जेल गए हो। या जेल में हो। पुलिस उन मामलों की जांच भी कराएगी। हालांकि इसी तार से पूरा स्वास्थ्य विभाग हिल गया है।

यह था मामला

गौरतलब है, तीन जनवरी को सड़क दूधली की एक युवती ने अपने ससुरालियों पर एसिड अटैक कर मुकदमा दर्ज करा दिया था। ससुरालिए रामपुर मनिहारान के गांव संगमौर के रहने वाले शहजाद और उसके परिवार पर यह मुकदमा दर्ज कराया था। पूरे खेल में फर्जी एसिड का मेडिकल आधार बना। इंस्पेक्टर सनुज यादव ने जांच की तो स्वास्थ्य विभाग के पूरे गैंग से परत-दर-परत पर्दा उठना शुरू हो गया। अभी रिकॉर्डिंग्स पर पुलिस काम कर रही है।

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