राजस्थान आईं मुर्मू राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार:कहा- प्रदेश का समानता और महिला सशक्तिकरण में बड़ा योगदान

राजस्थान आईं मुर्मू राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार:कहा- प्रदेश का समानता और महिला सशक्तिकरण में बड़ा योगदान

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज से दो दिन के राजस्थान दौरे पर पहुंच गई हैं। राष्ट्रपति बनने के बाद वे पहली बार आज राजस्थान आई हैं। राष्ट्रपति के विशेष विमान से जयपुर एयरपोर्ट पहुंचने पर राज्यपाल कलराज मिश्र और सीएम अशोक गहलोत ने उनकी अगवानी की।

एयरपोर्ट से राष्ट्रपति ने अमर जवान ज्योति पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद राजभवन पहुंचकर संविधान पार्क का लोकार्पण किया। संविधान पार्क के लोकार्पण के बाद राजभवन में मयूर स्तंभ, गांधी प्रतिमा, महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक की प्रतिमा सहित ब्यूटीफिकेशन के कामों का भी राष्ट्रपति ने अवलोकन किया।

राजभवन में संविधान पार्क के लोकार्पण के बाद राष्ट्रपति ने बीकानेर में 1000 मेगावाट के सोलर पावर स्टेशन का वर्चुअल शिलान्यास किया।

इस दौरान राष्ट्रपति ने कहा कि राजस्थान का समानता और महिला सशक्तिकरण में बड़ा योगदान है। बाल विवाह के खिलाफ कानून राजस्थान के हरविलास शारदा ने बनाया। हरविलास शारदा ने 1938 में कानून का मसौदा बनाया था। जो बाद में शारदा एक्ट के नाम से प्रसिद्ध हुआ। इसलिए यहां का इतिहास महिलाओं की गरिमा और सशक्तिकरण का है।

प्राचीन समय में देश में अनेक गणतंत्र थे

राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे संविधान में समानता के अधिकार पर जोर दिया गया है। बाबा साहेब अंबेडकर ने कहा था कि मैं समझता हूं। संविधान कितना ही अच्छा हो अगर उसका अनुसरण करने वाले बुरे हों तो बुरा बन जाता है।

संविधान कितना ही बुरा हो अगर उसका पालन करने वाले लोग अच्छे हों तो वह अच्छा बन जाता है। बाबा साहेब संवैधानिक नैतिकता पर बहुत जोर देते थे। उन्होंने कहा था- प्रचीन भारत में अनेक गणतंत्र थे। जहां राज सत्ताएं थीं या तो निर्वाचित थीं, या राजाओं की शक्तियां सीमित थीं।

राष्ट्रपति ने कहा- प्राचीन बौद्ध संघों में संसदीय प्रणाली का पालन किया जाता था। सदस्यों के बैठने की व्यवस्था, प्रस्ताव रखने, मतों की गणना, वोटिंग करने और निंदा प्रस्ताव जैसी व्यवस्थाएं अब भी चलन में हैं। प्राचीन भारत में सभा और समिति अस्तित्व में थीं। हमारे संविधान निर्माताओं ने प्राचीन लोकतांत्रिक परंपराओं को पुनर्जीवित किया है।

100 से ज्यादा महिला सांसद होना एक अच्छा रिकॉर्ड

राष्ट्रपति ने कहा कि हर व्यक्ति के प्रति संवेदनशीलता हमारा मुख्य उद्देश्य है। भावी पीढ़ियों को अपनी आवश्यकता के अनुसार संविधान में बदलाव का पूरा अधिकार होना चाहिए। इसीलिए संविधान में संशोधन का प्रावधान है। अब तक 105 संविधान संशोधन हो चुके हैं। हमारा जीवंत संविधान है।

महात्मा गांधी ने यंग इंडिया में लिखा था कि मैं ऐसे भारत के लिए काम करूंगा कि गरीब से गरीब आदमी को लगे कि सरकार चलाने में उसकी बात भी मानी जाती है। संविधान सभा में शामिल 15 महिलाओं का उल्लेख भी करना जरूरी हो जाता है।

संविधान सभा में सरोजनी नायडू, राजकुमारी अमृत कौर, मालती चौधरी, बेगम एजाज रसूल जैसी प्रतिनिधियों ने अहम सुझाव दिए थे। आज 100 से ज्यादा महिला सांसद हैं। लोकसभा में 83 और राज्यसभा में 33 महिला सांसद होना एक रिकॉर्ड है।

कार्यक्रम में राज्यपाल कलराज मिश्र, सीएम अशोक गहलोत मौजूद रहेंगे। कई बीजेपी नेता भी मौजूद हैं। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री और वरिष्ठ अफसर वर्चुअली जुड़े।

सहरिया और कथौड़ी आदिवासियों से राष्ट्रपति ने की चर्चा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राजभवन परिसर में राज्य के आदिवासी समूहों के साथ बातचीत की। राष्ट्रपति से कथौड़ी और सहरिया जनजातियों से जुड़े लोग मिले।

प्रदेश में दोनों जनजातियों की खराब सामाजिक और आ​र्थिक दशा को लेकर सियासत होती रही हैं। इन दोनों जनजातियों के लिए पिछले दो दशक में स्पेशल योजनाएं बनाई गई हैं। राष्ट्रपति के साथ आदिवासी ग्रुप अपने क्षेत्र के बारे में बातचीत की। उनके जीवन में आने वाली परेशानियों के समाधान के साथ विकास से जुड़े मुद्दों पर भी बात ​हुई।

कल स्काउट जंबूरी का उद्घाटन करेंगी राष्ट्रपति

दोपहर बाद राष्ट्रपति जयपुर से उदयपुर के लिए रवाना होंगी। उदयपुर के डबोक एयरपोर्ट पर कुछ देर रुकने के बाद वे आबू रोड के मानपुर जाएंगी। आबूरोड में वे ब्रह्मकुमारी के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। कल पाली के रोहट में स्काउट गाइड की जंबूरी का उद्घाटन करने के बाद जोधपुर से दिल्ली रवाना होंगी।



 erosth
yhfee@chitthi.in, 10 June 2023

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