अत्याचार वेंगईवयल में दलितों पर.वॉटर टैंक में इतना मल डाला कि पीला हो गया पीने का पानी. मांगी रिपोर्ट मद्रास हाईकोर्ट ने

अत्याचार वेंगईवयल में दलितों पर.वॉटर टैंक में इतना मल डाला कि पीला हो गया पीने का पानी. मांगी रिपोर्ट मद्रास हाईकोर्ट ने

तमिलनाडु के वेंगईवयल की ग्राम पंचायत मुत्तुक्कडू में दलितों पर अत्याचार का हैरान करने वाला मामला सामने आया। गांव में दो वॉटर टैंक हैं। इनमें से एक दलितों के लिए बना है, जिसका पानी पीकर लोग बीमार हो रहे थे। जांच करने पर पता चला कि टैंक में इतना मानव मल मिलाया गया कि पानी पीला हो चुका था।

खबर सामने आते ही कलेक्टर कविता रामू और SP वंदिता पांडे जांच के लिए पहुंची। तब पता चला कि गांव में अरूंथथियार समुदाय के लोगों के साथ यह अत्याचार लंबे समय से हो रहा है।

पहले जानिए क्या है पूरा मामला

एरयूर, मुत्तुक्कडू में अरूंथथियार समुदाय रहता है। इसे दलित जाति माना जाता है। लगभग सौ साल पहले रामासामी पेरियार ने राज्य के मंदिरों में इनके प्रवेश को बैन कर दिया था। यही प्रथा आजादी के 75 साल बाद भी चल रही है। एरयूर में 100 दलित परिवार रहते हैं। पिछले दिनों इन लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। डॉक्टरों ने बताया कि यह दूषित पेयजल के कारण हो सकता है।

पानी की जांच के लिए 10 हजार लीटर की टंकी पर कुछ लोग जांच करने चढ़े। राजनीतिक कार्यकर्ता मोक्ष गुनावलगन के मुताबिक इस टैंक में मानव मल मिलाया गया है।

इस बात से अनजान लोग इस पानी का इस्तेमाल कर रहे थे। जब बच्चे बीमार हुए तब सच सामने आया। जिम्मेदार कौन है, यह पता नहीं चल सका है।

कुछ दिन पहले टैंक के चारों ओर की बाड़ खोल दी गई थी। जब लोग टैंक पर चढ़े, तो उन्हें ढक्कन खुला मिला... किसी ने भी किसी को चढ़ते और कचरे को पानी की टंकी में डालते हुए नहीं देखा।

कलेक्टर ने करवाया 100 साल बाद मंदिर में प्रवेश

जब कलेक्टर ने प्रदूषण के बारे में लोगों से बातचीत की तो जातिगत भेदभाव के कई आरोप सामने आए। ऊंची जाति के लोग यहां बने अय्यनार मंदिर में जाने नहीं देते थे। यही नहीं एक चाय की दुकानों में इनके लिए अलग-अलग गिलास सिस्टम भी मिला। कलेक्टर ​​अरूंथथियार समुदाय को लेकर मंदिर में एंट्री दिलाने साथ ले गईं। तब भी एक महिला ने देवता आने का नाटक करते हुए विरोध किया। पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया है।

कविता रामू ने गांव में बने दूसरे 30 हजार लीटर का टैंक दलितों के इस्तेमाल के लिए खुलवाया। साथ ही टैंक ऑपरेटर पर कार्रवाई की गई और टैंक का ढक्कन बोल्ट से कसने का आदेश दिया।

दो गिलास सिस्टम वाली चाय की दुकान चलाने वाले मुक्कैया और उसकी पत्नी मीनाक्षी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

मद्रास हाईकोर्ट भी एक्शन में आया

दलितों पर अत्याचार की यह खबर सामने आने के बाद मद्रास हाईकोर्ट भी एक्शन में आ गया। मदुरै बेंच ने जातिगत भेदभाव को लेकर दायर याचिका पर पुदुक्कोट्टई कलेक्टर, एसपी और डीएसपी मानवाधिकार और सामाजिक न्याय विंग से स्थिति रिपोर्ट मांगी है। याचिकाकर्ता शनमुगम ने दूषति पानी पीने वाले परिवारों के लिए मुआवजे की मांग की है।

याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि तीन केस दर्ज किए गए हैं।

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