निकाय आरक्षण पर उठे सवाल: BJP के ज्यादातर कद्दावर नेताओं की सीट में आरक्षण नहीं बदला

निकाय आरक्षण पर उठे सवाल: BJP के ज्यादातर कद्दावर नेताओं की सीट में आरक्षण नहीं बदला

नगर निकाय चुनाव में आरक्षण सूची से प्रत्याशियों में खुशी और गम दोनों भाव साथ आ गए है। कुछ सीट पर बदलाव नहीं होने की वजह से सवाल उठ रहे हैं तो कुछ वार्ड में लगातार हो रहे बदलाव से प्रत्याशियों की परेशानी बढ़ गई है। स्थिति यह है कि आरक्षण व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

सपा को हुआ नुकसान

आरक्षण में सपा को नुकसान हुआ है। आंकड़ों की बात करें तो सपा ने पिछले चुनाव में 28 पार्षद चुनाव जीते थे। जबकि 40 प्रत्याशी दूसरे नंबर पर रहे थे। लेकिन, अब जीते हुए 28 में 22 पर प्रत्याशी बदल गए। सपा ने तैयारी की थी वह अपने जीते हुए प्रत्याशियों की सीट नहीं बदलेगी।

लेकिन अब केवल 8 प्रत्याशी ही ऐसे होंगे जो चुनाव जीते रहेंगे। यानी 110 में 102 सीट पर सपा सपा या तो हारे हुए प्रत्याशी को टिकट देगी या फिर अपने जीते प्रत्याशी बदलेगी।

मोनू कनौजिया ने दर्ज कराई शिकायत

सपा पार्षद मोनू कनौजिया ने पहले ही दिन अपनी सीट को लेकर आपत्ति दर्ज करा दी है। उन्होंने रैपिड सर्वे में पिछड़ा वर्ग की आबादी का सही आकलन नहीं होने की आपत्ति की है। मोनू का कहना है कि सपा की 15 सीट पर खामियां है। यानी कि केवल 7 सीट ही ऐसी हैं, जहां सही आरक्षण सिस्टम लगाया गया है।

बसपा भी 22 सीट पर दर्ज कराएगी आपत्ति

सपा की तरह बसपा भी आपत्ति दर्ज कराएगी। बसपा जिलाध्यक्ष शैलेंद्र गौतम के अनुसार 22 सीटों पर उनको आरक्षण व्यवस्था ठीक नहीं है। पिछली बार भगतसिंह प्रथम और खरगापुर के बसपा के प्रत्याशी जीते थे लेकिन इस बार दोनों ही सीट पर एससी की जगह ओबीसी प्रत्याशी कर दिया गया है।

जबकि वोटर के हिसाब से वह सीट एससी होनी चाहिए। बताया जा रहा है कि इसके लिए वकीलों की टीम तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि आपत्तियों को लेकर पार्टी का निर्देश है कि तथ्य जुटा लें और वकीलों के साथ जाकर आपत्ति दर्ज कराएं।

28 सीट पर नहीं हुआ कोई भी बदलाव

साल 2017 और 2022 की सूची के अनुसार 28 सीट ऐसे हैं जहां आरक्षण व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं हुआ है। यह सीट पिछली बार भी सामान्य थी और इस बार भी सामान्य हैं। इसको लेकर सवाल उठने लगे है।

उदाहरण के लिए हजरतगंज वॉर्ड से बीजेपी के कद्दावर नेता नागेंद्र सिंह चौहान, राम मोहन राय वॉर्ड से बीजेपी की मधु सिंह, लालकुआं से सुशील कुमार तिवारी, विद्यावती वार्ड से बीजेपी पार्षद और कार्यकारिणी उपाध्यक्ष रहे कौशलेंद्र द्विवेदी, बाबू जगजीवन राम वॉर्ड से भृगुनाथ शुक्ला और लाला लाजपत राय वार्ड से राघवराम तिवारी की सीट इस बार भी नहीं बदली है।

बीजेपी की जीती सीट जहां नहीं बदला आरक्षण

हजरतगंज, पेपर मिल कॉलोनी, लालकुंआ, राममोहन राय वार्ड, विद्यावती द्वितीय, जगदीश चंद्र बोस, बाबू जगजीवनराम, लाला लाजपत राय , लालबहादुर शास्त्री द्वितीय, राजेंद्र नगर, त्रिवेणी नगर, लेबर कॉलोनी, राजीव गांधी, मैथिलीशरण गुप्त, राजीव गांधी द्वितीय,चौक बाजार कालीजी, याहियागंज नेताजी सुभाषचद्र बोस,अलीगंज वॉर्ड​​​​​​​

सपा के कद्दावर को खुश करने की पहल

बीजेपी की तरह सपा के कद्दावर नेताओं की सीट में भी आरक्षण नहीं बदला है। उदाहरण के लिए जगदीश चंद्र बोस वॉर्ड से 6 बार के पार्षद यावर हुसैन रेशू, रानी लक्ष्मी बाई वॉर्ड से पांच बार के पार्षद और सपा के वरिष्ठ नेता शफीकुर्र्हमान की सीट में कोई बदलाव नहीं हुआ है। न्यू हैदरगंज द्वितीय, रानी लक्ष्मी बाई वॉर्ड, कदम रसूल नगर वॉर्ड की सीटों में बदलाव न होने से सपा पार्षदों ने राहत की सांस ली है।

हर बाद बदली आरक्षण व्यवस्था

इस्माईलगंज द्वितीय वार्ड में तीन बार से आरक्षण व्यवस्था बदल रही है। यहां साल 2012 में सामान्य साल 2017 में ओबीसी और अब साल 2022 में महिला सीट की दिया गया है।

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