New Delhi:सावरकर को लेकर फिर शुरू हुआ विवाद, अब महात्मा गांधी के प्रपौत्र ने कही बड़ी बात

New Delhi:सावरकर को लेकर फिर शुरू हुआ विवाद, अब महात्मा गांधी के प्रपौत्र ने कही बड़ी बात

मुंबई: देश में  एक बार फिर, पिछले कुछ दिनों से सावरकर को लेकर राजनीति गरमाई हुई है. इस बीच गांधी जी के प्रपौत्र ने सावरकर को लेकर बड़ा दावा किया है. महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी ने दावा किया है कि स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर ने राष्ट्रपिता की हत्या के लिए नाथूराम गोडसे को एक कारगर बंदूक खोजने में मदद की थी. तुषार गांधी के इस बयान के बाद एक बार फिर बयानबाजियों का दौर शुरू हो गया है.

सावरकर को लेकर तुषार गांधी ने ट्वीट किया कि  सावरकर ने न केवल अंग्रेजों की मदद की, उन्होंने बापू की हत्या के लिए नाथूराम गोडसे को एक कारगर बंदूक खोजने में भी मदद की. बापू की हत्या से दो दिन पहले तक गोडसे के पास एम के गांधी की हत्या के लिए एक विश्वसनीय हथियार नहीं था.  तुषार गांधी की इस टिप्पणी पर बीजेपी तरफ से भी बयान आया है. भारतीय जनता पार्टी भाजपा की महाराष्ट्र इकाई ने तुषार गांधी की इन टिप्पणियों को निराधार बताया है.

राहुल गांधी के बयान पर मचा था बवाल

गौरतलब है कि हाल ही सावरकर को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद पूरे देश मे बवाल मचा था. सावरकर पर राहुल गांधी की टिप्पणी को महाराष्ट्र में उनके गठबंधन के साथी उद्धव ठाकरे ने भी निराधार बताया था. दरअसल भारत जोड़ो यात्रा के महाराष्ट्र पहुंचने पर राहुल गांधी ने सावरकर को लेकर बयान दिया था. उन्होंने कहा कि विनायक दामोदर सावरकर ने अंग्रेजों की मदद की थी. उन्होंने कहा कि कारगार में रहने के दौरान सावरकर ने डर के कारण माफीनामे में हस्ताक्षर कर महात्मा गांधी और अन्य समकालीन नेताओं को धोखा दिया था.

राहुल गांधी ने संवाददाता सम्मेलन में बोलते हुए सावरकर के माफीनामे की एक प्रति दिखाई. पत्र को दिखाते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि सावरकर ने अंग्रेजों से माफी मांगी और उनकी मदद की. राहुल गांधी ने कहा कि सावरकर ने डर के कारण माफीनामे पर हस्ताक्षर किए थे. राहुल गांधी ने यह भी कहा था कि इस माफीनामे की एक प्रति आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को भेजी जानी चाहिए. राहुल गांधी के इस बयान के बाद पूरे देश मे राजनीति गरमाई थी. विरोधी दलों के साथ कांग्रेस के गठबंधन के कुछ साथियों ने भी राहुल गांधी के इस बयान का विरोध किया था.

Leave a Reply

Required fields are marked *