New Delhi: महिला क्रिकेट के विकास में अहम योगदान देने वाले महेंद्र कुमार शर्मा का निधन

New Delhi: महिला क्रिकेट के विकास में अहम योगदान देने वाले महेंद्र कुमार शर्मा का निधन

नई दिल्ली: भारत में महिला क्रिकेट के विकास में 1970 के दशक में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महेंद्र कुमार शर्मा का उम्र संबंधी समस्याओं से जूझने के बाद पुणे में निधन हो गया. वह 74 बरस के थे. उन्होंने मंगलवार को अंतिम सांस ली. भारत की पूर्व कप्तान शुभांगी कुलकर्णी ने शर्मा के निधन की पुष्टि की, जो शुरुआती पांच वर्षों के लिए भारतीय महिला क्रिकेट संघ WCAI की संस्थापक सचिव थीं.

शुभांगी ने पीटीआई-भाषा से कहा,  महिला क्रिकेट में उनका योगदान बहुत बड़ा है. जब वह 20 वर्ष के थे, तब उन्होंने डब्ल्यूसीएआई को पंजीकृत कराया. इसके कुछ वर्षों के बाद 1975 में देश में पहला अंतरराष्ट्रीय मैच आयोजित किया गया था. यह मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला गया था.

उन्होंने कहा, इसके बाद भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का दौरा किया. वह महिला क्रिकेट के अस्तित्व में आने के बाद शुरुआती पांच-छह वर्षों में जो हासिल कर पाये वह अभूतपूर्व था. संघ के संचालन के लिए कभी-कभी उन्हें अपने पिता से धन मांगना पड़ता था और तो कभी किसी से उधार लेना पड़ता था. 2006 में महिला क्रिकेट के बीसीसीआई की छत्रछाया में आने की सबसे ज्यादा खुशी उन्हें ही हुई थी.

महिला क्रिकेट को अस्तित्व में लाने का श्रेय शर्मा को ही जाता है क्योंकि उन्होंने 1973 में लखनऊ में सोसायटी अधिनियम के तहत डब्ल्यूसीएआई को पंजीकृत किया था. बीसीसीआई ने 2006 में महिला क्रिकेट की कमान संभाली थी लेकिन शर्मा के नेतृत्व में भारत ने 1978 में पहली बार महिला विश्व कप की मेजबानी की.

भारत ने 1997 में दूसरी बार महिला विश्व कप की मेजबानी की. इस विश्व कप का फाइनल ईडन गार्डन में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया था. शर्मा के प्रयासों से ही भारतीय महिला टीम ने 1976 में बेंगलुरु में अपना पहला टेस्ट मैच खेला था.

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