2023 के चुनाव में बीजेपी का फोकस दलितों पर

2023 के चुनाव में बीजेपी का फोकस दलितों पर

विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी का फोकस दलित वोटों को साधने पर है। विधानसभा चुनाव 2023 से पहले बीजेपी दलित वोटों को अपनी ओर करना चाहती है। राजस्थान में सबसे बड़ी संख्या में दलित वोट हैं। यही वजह है कि बीजेपी ने 13 को होने वाली स्टेट वर्किंग कमेटी की बैठक से पहले कमेटी के सभी सदस्यों को एससी वर्ग की बस्तियों में जाकर मुद्दों को समझने और लोगों से इमोशनल कनेक्ट करने का टास्क दिया है।


13 नवम्बर को झुंझूनु में होने वाली बैठक से पहले बीजेपी ने जारी किए एजेंडे में बैठक से पहले सदस्यों को कुछ जिम्मेदारियां दी है। इसमें विशेष रूप से सदस्यों को किन्ही दो एससी बस्तियों या छात्रावासों से होकर आने को कहा है। यहां इस बस्तियों में सम्पर्क और चौपाल करने को कहा गया है। इसके अलावा किन्हीं दो कमजोर बूथों में जाकर आने को कहा है। जहां पिछले विधानसभा में हार मिली हो। इसके अलावा कोई दो बूथ अध्यक्षों के घर जाने को भी कहा गया है।


हैदराबाद राष्ट्रीय कमेटी की बैठक से शुरू हुआ ट्रेंड

बीजेपी की राष्ट्रीय वर्किंग कमेटी की हैदराबाद में हुई बैठक में यह तय किया गया था कि अब प्रदेश की वर्किंग कमेटी की बैठक से पहले वर्किंग कमेटी के सदस्य मंडलों में बूथों पर जाएंगे और वहां के हालात टटोलकर बैठक में शामिल होंगे। इसी के चलते प्रदेश बीजेपी ने सदस्यों को बूथों में और एससी बस्ती में जाकर सम्पर्क करने को कहा गया। राजस्थान में एससी वोटर पर फोकस करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।


राजस्थान में दलित सीटों पर कांग्रेस है हावी

राजस्थान में दलित बड़ा वोट बैंक है। यहां 17 प्रतिशत दलित आबादी है। इसी तरह दलितों के लिए रिजर्व 34 एससी सीटे हैं। 2018 में इन 34 में से 19 सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। जबकि बीजेपी महज 12 सीटें ही जीत सकी थी। राजस्थान के सबसे बड़े वोटर वर्ग को साधने के लिए बीजेपी ने अपना फोकस दलितों पर किया है। साथ ही पिछले चुनाव में हारे हुए दो बूथों पर भी जाने के लिए इसी वजह से कहा गया है।


वसुंधरा राजे सहित तमाम बड़े नेता होंगे शामिल

बीजेपी की वर्किंग कमेटी की बैठक में राजस्थान के तमाम बड़े नेता शामिल होंगे। इनमें पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, प्रभारी अरूण सिंह सहित केंद्रीय मंत्री और प्रदेश के तमाम पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। बैठक में अगले एक साल की रणनीति तैयार होगी। इसके अलावा कांग्रेस सरकार के 4 साल होने पर उसके घेरने की प्लानिंग भी की जाएगी।

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