अनुपम खेर ने कहा- दुनिया से कहना चाहता हूं कि हमें नजरअंदाज न करें

अनुपम खेर ने कहा- दुनिया से कहना चाहता हूं कि हमें नजरअंदाज न करें

दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर का कहना है कि वह इस सिद्धांत का पालन करते हैं कि उम्र सिर्फ एक संख्या है और उनकी आने वाली फिल्म ऊंचाई उनके इस विश्वास के ही अनुरूप है। ऊंचाई वृद्धावस्था की उम्र में पहुंच चुके चार दोस्तों की कहानी है, जिसमें वे उम्र के इस पड़ाव पर एवरेस्ट पर्वत शिखर पर चढ़ाई करने का सपना देखते हैं और आधार शिविरके लिए रवाना हो जाते हैं। हालांकि, जो भी उनके इस सपने के बारे में सुनता है वह उन्हें वापस लौट जाने की सलाह देता है।


उनकी यह यात्रा एक व्यक्तिगत, भावनात्मक और आध्यात्मिक यात्रा बन जाती है क्योंकि वे अपनी शारीरिक क्षमता की सीमाओं से जूझते हैं और आजाद होने के सही मायने की तलाश करते हैं। युवा अवस्था में 1984 में फिल्म सारांश में 65 वर्षीय एक बुजुर्ग व्यक्ति की भूमिका निभाने वाले अनुपम खेर का मानना ​​है कि बुजुर्ग पात्रों के बारे में अक्सर एक आम धारणा बना ली जाती है, लेकिन, ऊंचाई फिल्म यह बताती है कि उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।


अनुपम खेर ने पीटीआई-भाषा को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा,  लोग आमतौर पर कहते हैं कि यदि आप 60 वर्ष की उम्र को पार करते हैं तो आपके पास संभावनाएं नहीं हैं। ऊंचाई में हालांकि ऐसा नहीं हो रहा है। यह कोई गंभीर फिल्म नहीं है। इस फिल्म में मेरा विश्वास मेरे अपने जीवन के दर्शन पर आधारित है कि - लोग हैं जो तय करते हैं कि आप बूढ़े हो गए हैं। अंकल जी और आंटी जी पुकारा जाना सुनने की हमारी आदत बन गई है।


अभिनेता ने कहा, जब मैं रॉबर्ट डी नीरो के साथ काम कर रहा था, तब 19 वर्षीय एक सहायक उन्हें बॉब या रॉबर्ट बुलाता था। हम यहां ऐसा नहीं करते हैं। यहां लोगों को आसानी से टैग किया जाता है। तो, यह एक अलग प्रकार की फिल्म है।  इस फिल्म में अनुपम खेर के अलावा अमिताभ बच्चन, बोमन ईरानी और डैनी डेन्जोंगपा जैसे कलाकार अहम भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन सूरज बड़जात्या ने किया है। अनुपम खेर ने कहा,  मैं बहुत खुश था क्योंकि मैं दुनिया को बताना चाहता था- हमें नजरअंदाज मत कीजिए।मैं कई वर्षों से ऐसा कह रहा हूं और यही वजह है कि मैंने अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर काम करना शुरू कर दिया है।

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