बीजेपी के 13 नए जिलाध्यक्षों के नाम तय, घोषणा बाकी

बीजेपी के 13 नए जिलाध्यक्षों के नाम तय, घोषणा बाकी

आने वाले दिनों में राजस्थान की राजनीति को लेकर बीजेपी बड़े निर्णय कर सकती है। इसकी शुरुआत 13 नवम्बर को झुंझूनु में होने वाली बीजेपी की वर्किंग कमेटी की बैठक से हो सकती है। बैठक में बीजेपी विधानसभा चुनाव और अगले एक साल की वर्किंग को लेकर रणनीति तय करेगी। इसमें कांग्रेस सरकार के 4 साल पूरे होने को लेकर विरोध प्रदर्शन और सरकार को घेरने का प्लान भी बनेगा।


जिलाध्यक्षों पर भी होगा निर्णय, जल्द बदले जाएंगे

बीजेपी के प्रदेशभर में लगभग 13 जिलाध्यक्षों को बदला जाना है। इनमें ज्यादातर वो नाम हैं जो अगले विधानसभा चुनाव के लिए टिकट मांग रहे हैं या तैयारी कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त कुछ ऐसे जिलाध्यक्षों को भी हटाया जाएगा जो निष्क्रिय हैं या नॉन-परफॉरमिंग हैं। ऐसे के लिए बीजेपी ने इन जिलों में सर्वे करवाया था। इसे लेकर सर्वे रिपोर्ट भी प्रभारियों ने सब्मिट कर दी है।


जिलाध्यक्षों के बदले जाने को लेकर वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी दी गई। इन्होंने अलग-अलग जिलों में जाकर सर्वे रिपोर्ट तैयार कर नाम संगठन को अक्टूबर में ही सौंप दिए। मगर अबतक घोषणा नहीं हुई। कई जिलों में जिलाध्यक्षों के लिए 2 या उससे ज्यादा नाम भी सामने आए थे। ऐसे में इसके चलते भी नामों की घोषणा में समय लग रहा है। माना जा रहा है कि जल्द ही नामों की घोषणा नहीं होती है तो 13 को वर्किंग कमेटी की बैठक में यह मुद्दा उठ सकता है।


12 को प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक

13 को वर्किंग कमेटी की बैठक से पहले 12 नवम्बर को प्रदेश पदाधिकारियों और मोर्चाें के अध्यक्षों की बैठक होगी। इसके अलावा जिला प्रभारी, जिलाध्यक्ष और योजना और अभियानों के प्रभारियों की भी बैठकें होंगी। वर्किंग कमेटी की बैठक में प्रदेश स्तर के तमाम सीनियर नेताओं और पदाधिकारियों सहित राष्ट्रीय स्तर के भी नेता और पदाधिकारी शामिल होंगे।


मैंने नाम सौंपे, रणनीति तय करेगी बीजेपी : वासुदेव देवनानी

नए जिलाध्यक्षों के चयन को लेकर बनाए गए प्रभारियों में से एक वासुदेव देवनानी का कहना है कि उन्हें जिन जिलों की जिम्मेदारी दी थी, वहां के लिए उन्होंने नाम सौंप दिए हैं। देवनानी ने बताया कि वर्किंग कमेटी की बैठक में अगले एक साल की रणनीति तय होगी। चुनाव को लेकर बीजेपी की तैयारियों पर निर्णय होंगे। इसके अलावा वर्तमान सरकार की विफलता को लोगों के सामने रखने पर विचार-विमर्श होगा।


जयपुर जिलाध्यक्ष चुनाव लड़ने के मूड में, सर्वे नहीं हुआ

कई जिलाध्यक्षों के चुनाव लड़ने की दौड़ में जयपुर जिलाध्यक्ष राघव शर्मा भी हैं। वे जयपुर में मालवीय नगर सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं। मगर इसके बावजूद जयपुर में सर्वे टीम नहीं बनाई गई। इसे लेकर भी बीजेपी के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं हैं। बीजेपी ने पांच वरिष्ठ नेता सुनील कोठारी, नारायण पंचारिया, वासुदेव देवनानी, हिरेंद्र शर्मा और शैलेंद्र भार्गव को जिलों की जिम्मेदारियां दी गई थी।

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