पूनिया-कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे पाखंड: सच्चाई है तो स्पीकार स्वीकार करें MLA इस्तेमाल कर रहे सरकारी बंगले गाड़ी सिक्योरिटी

पूनिया-कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे पाखंड: सच्चाई है तो स्पीकार स्वीकार करें MLA इस्तेमाल कर रहे सरकारी बंगले गाड़ी सिक्योरिटी

BJP प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने सीकर के लक्ष्मणगढ़ में बीजेपी के किसान आक्रोश सम्मेलन में मंच से संबोधन में शेखावाटी बोली में कहा- राजस्थान में कांग्रेस के 80 विधायकों ने इस्तीफा दे रखा है। इस्तीफा देकर रखने वालों का तो धर्म होता है कि वो अपना पूजा-पाठ करें। व्रत करें, उपवास करें। जो मर्जी हो वो करें। पर बंगला भी सरकार का, गाड़ी भी सरकार की तोड़ रहे हैं। सिपाही भी सरकार के ले रखे हैं। रोटी भी सरकार की खा रहे हैं। इसलिए या तो कांग्रेस पाखंड है या विधायकों के इस्तीफे पाखंड है। अगर सच्चाई है, तो स्पीकर को उन इस्तीफों को स्वीकार कर लेना चाहिए। मुझे लगता है स्वीकार किया तो राजस्थान में पिछले 4 से से अस्थिरता की दोषी कांग्रेस पार्टी है।


पीसीसी अध्यक्ष डोटासरा के क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ से आंदोलन की शुरुआत

BJP ने प्रदेश की गहलोत सरकार के 4 साल के शासनकाल के खिलाफ आज से आंदोलन की शुरुआत कर दी है। एक ओर आज प्रदेश कांग्रेस कमेटी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए वोटिंग हो रही है। दूसरी ओर बीजेपी आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के विधानसभा क्षेत्र सीकर के लक्ष्मणगढ़ में विशाल किसान आक्रोश सम्मेलन कर रही है।


किसान आक्रोश सम्मेलन में बाजरा की समर्थन मूल्य पर खरीद की मांग, किसान कर्जमाफी, सुचारू बिजली, फसली खराबे की गिरदावरी करवाकर भुगतान करने, खाद-बीज की उपलब्धता, बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी जैसे मुद्दे बीजेपी उठाएगी। लक्ष्मणगढ़ के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में भाजपा का विशाल किसान आक्रोश सम्मेलन हो रहा है। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने पूर्व CM वसुंधरा राजे के साथ फोटो वाली पोस्ट ट्वीट कर राजस्थान किसान जन आक्रोश सम्मेलन के 4 एजेंडे बताए हैं।


सम्मेलन को बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया के अलावा शेखावाटी के 3 जिलों- सीकर,चूरू,झुंझुनूं के सांसद और बीजेपी विधायक मौजूद हैं। सीकर सांसद सुमेधानन्द सरस्वती, चूरू सांसद राहुल कस्वां, झुंझुनूं सांसद नरेंद्र कुमार खींचड़, पूर्व सांसद रामसिंह कस्वां, उपनेता प्रतिपक्ष और चूरू विधायक राजेंद्र राठौड़, चूरू के रतनगढ़ से विधायक अभिनेष महर्षि, झुंझुनूं के सूरजगढ़ से विधायक सुभाष पूनिया, प्रदेश मुख्य प्रवक्ता और चौमूं से विधायक रामलाल शर्मा, बीजेपी किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष हरिराम रिणवां, प्रदेश महामंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष माधोराम चौधरी, प्रदेश मंत्री लक्ष्मीकांत भारद्वाज भी मौजूद हैं।


शेखावाटी में सीकर में किसान आंदोलन क्यों ?

शेखावाटी के 3 जिलों- सीकर, चूरू, झुंझुनूं की 21 सीटों में से 17 और समर्थित निर्दलीय मिलाकर 18 सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है। बीजेपी विधायक केवल 3 हैं।


सीकर में बीजेपी एक भी विधानसभा सीट पर नहीं जीत सकी। 8 में से 7 सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है। 8वीं सीट भी कांग्रेस विचारधारा के महादेव सिंह खण्डेला की है। जो निर्दलीय चुनाव लड़े थे। लेकिन कांग्रेस को ही समर्थन करते हैं। लक्ष्मणगढ़ में खुद कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा विधायक हैं। दातारामगढ़ड से वीरेन्द्र सिंह, धोद से परसराम मोरदिया, फतेहपुर से हाकम अली खान, नीमका थाना से सुरेश मोदी, सीकर से राजेंद्र पारीक, श्रीमाधोपुर से दीपेंद्र सिंह कांग्रेस के विधायक हैं।


चूरू की 6 में से केवल 2 ही सीटों पर बीजेपी विधायक हैं। चूरू से राजेंद्र राठौड़ और रतनगढ़ से अभिनेष महर्षि बीजेपी विधायक हैं। 4 सीटों पर कांग्रेस विधायक चुनकर आए। जिनमें सादुलपुर से कृष्णा पूनिया, सरदारशहर से पंडित स्वर्गीय भंवरलाल शर्मा, सूरजगढ़ से मनोज कुमार, तारानगर से नरेंद्र बुढ़ानिया कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते।


झुंझुनूं की 7 में से केवल 1 सूरजगढ़ सीट पर ही बीजेपी विधायक सुभाष पूनिया काबिज हैं। 6 सीटों पर कांग्रेस विधायक हैं। इनमें उदयपुरवाटी से राजेंद्र गुढ़ा बसपा के टिकट पर जीतकर आए, लेकिन कांग्रेस में शामिल होकर मर्ज हो गए। झुंझुनूं सीट से पूर्व केंद्रीय मंत्री शीशराम ओला के बेटे बृजेंद्र सिंह ओला विधायक और मंत्री हैं। डॉ जितेंद्र सिंह खेतड़ी, रीटा चौधरी, मंडावा, डॉ राजकुमार शर्मा नवलगढ़, जेपी चंदेलिया पिलानी से कांग्रेस विधायक हैं।


बीजेपी ने संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है

प्रदेश सरकार का इकबाल खत्म हो गया है। अब बीजेपी सड़कों पर उतरकर संघर्ष करेगी। मुख्यमंत्री और कांग्रेस सरकार के मंत्री-विधायक पहले अपनों के विरोध के कारण रिसोर्ट में बाड़ेबंदी में बैठे रहे। अब कांग्रेस हाईकमान से अदावत के बाद फिर से सरकार की हालत बिगड़ गई है। जादूगर ने 4 साल का वक्त अपनी सरकार बचाने में लगा दिया। जनता में शासन-प्रशासन कहीं नजर नहीं रहा। किसान, बेरोजगार, महिलाओं, दलितों, युवाओं के मुद्दों पर बीजेपी ने संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है


बाजरा समर्थन मूल्य पर खरीद,किसान कर्जमाफी मुद्दे

बीजेपी के विशाल किसान आक्रोश सम्मेलन में बाजरा की समर्थन मूल्य पर खरीद, किसान कर्जमाफी, सुचारू बिजली जैसी कई मांगों को लेकर कांग्रेस सरकार के खिलाफ मुखरता से आवाज उठाई गई है। यह सम्मेलन कांग्रेस को शेखावाटी और राजस्थान से उखाड़ने और किसान हित में बीजेपी की सत्ता में वापसी के लिए बड़ा आगाज है। कांग्रेस संगठन के मुखिया को जगाने के लिए लक्ष्मणगढ़ में आंदोलन किया है। हरिराम रिणवां, प्रदेशाध्यक्ष,बीजेपी किसान मोर्चा


बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने ट्वीट कर बीजेपी राजस्थान किसान जन आक्रोश सम्मेलन की पोस्ट सोशल मीडिया पर डाली है। जिसकी खासी चर्चाएं हैं। इसमें पूनिया के साथ पूर्व सीएम वसुंधरा राजे और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द कटारिया की भी फोटो है। पहली बार पूनिया ने राजे के साथ तस्वीर शेयर की है। बीजेपी में नेता इसके अपने-अपने हिसाब से सियासी मायने निकाल रहे हैं।


दूसरी ओर पीएम नरेंद्र मोदी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डी की तस्वीर है। इस बैनर पर 4 प्रमुख स्लोगन हैं। किसान विरोधी कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेकेंगे। सम्पूर्ण किसान कर्जमाफी की घोषणा करे राज्य सरकार। राज्य सरकार बाजरी की सरकारी खरीद शुरू करे। समय पर नुकसान की गिरदावरी कराकर किसानों को उचित मुआवजा मिले।

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