Karnataka: चुनावों में लिंगायत और वोक्कालिगा समुदाय की अहम भूमिका क्यों रहती है?
देश के चुनावी इतिहास में जातियों की गोलबंदी नतीजों को हमेशा से प्रभावित करती रही हैं। चर्चा अक्सर बिहार और उत्तर प्रदेश की होती है लेकिन दक्षिण का राज्य कर्नाटक भी इससे अछूता नहीं है। इस चुनावी राज्य की राजनीति को समझने के लिए यहां की प्रमुख जातियों को समझना जरूरी है, खासकर यहां के प्रभावशाली लिंगायत या वीरशैव-लिंगायत समुदाय के महत्व का विश्लेषण महत्वपूर्ण है। क्योंकि यहां के नतीजे तय करने मे.....
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